सोना और चांदी की कीमतें इस समय दबाव में हैं, लेकिन लंबी अवधि का नजरिया पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गया है। कनाडा की प्रमुख निवेश बैंक BMO कैपिटल मार्केट्स ने अपने नवीनतम पूर्वानुमान में यह साफ संकेत दिया है।
Kitco News के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतें ऊपर जा रही हैं। इससे महंगाई की नई आशंकाएं पैदा हो रही हैं और ब्याज दरों को लेकर आक्रामक उम्मीदें बढ़ रही हैं। नतीजतन सोना और चांदी दोनों ही अल्पकालिक दबाव महसूस कर रहे हैं।
BMO का अपडेटेड पूर्वानुमान क्या कहता है?
BMO कैपिटल मार्केट्स ने चौथी तिमाही (Q4 2026) के लिए सोने का औसत अनुमान घटाकर लगभग 4,650 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। पहले यह 4,750 डॉलर था। बैंक का मानना है कि सोना 5,000 डॉलर का स्तर अगले साल की दूसरी तिमाही तक ही दोबारा छू पाएगा।
लेकिन सबसे बड़ी बात लंबी अवधि के पूर्वानुमान में हुई है। BMO ने सोने का दीर्घकालिक औसत अनुमान 3,100 डॉलर से बढ़ाकर लगभग 4,000 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। यह 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
चांदी के मामले में भी बैंक ने दीर्घकालिक औसत अनुमान 36 डॉलर से बढ़ाकर लगभग 47 डॉलर प्रति औंस कर दिया है (लगभग 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी)।
क्यों ऊंचा हो रहा है लंबा बेस?
BMO के विश्लेषकों के अनुसार, पारंपरिक कारकों (जैसे रियल यील्ड) से ज्यादा अब दो नए विषय काम कर रहे हैं:
मौद्रिक अवमूल्यन (Monetary Debasement) – दुनिया भर में मुद्रा की क्रय शक्ति घटने का डर।
चीन की मजबूत मांग – पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) की खरीदारी काउंटर-साइक्लिकल है। यानी बाजार दबाव में होने पर भी चीन सोना खरीदता रहता है, जिससे कीमतों को नीचे गिरने से रोकने में मदद मिलती है।
चांदी के लिए सोलर पावर सेक्टर की औद्योगिक मांग लंबे समय तक सपोर्ट बनी रहेगी।
भारतीय निवेशकों के लिए क्या मतलब है?
भारत में सोना और चांदी न सिर्फ निवेश बल्कि सांस्कृतिक महत्व भी रखते हैं। अल्पकाल में कीमतों में उतार-चढ़ाव सामान्य है, खासकर जब ब्याज दरें और भू-राजनीतिक तनाव हावी हों। लेकिन BMO जैसी संस्था का दीर्घकालिक अनुमान यह बताता है कि सोने-चांदी का आधार स्तर पहले से ऊंचा स्थापित हो रहा है।
BeYourMoneyManager की सलाह:
अल्पकालिक गिरावट को घबराहट में बेचने का मौका न बनाएं।
लंबी अवधि के पोर्टफोलियो में सोना और चांदी को डाइवर्सिफिकेशन के रूप में रखें।
SIP या स्टैगर्ड तरीके से खरीदारी पर विचार करें।
हमेशा अपनी जोखिम सहनशीलता और वित्तीय लक्ष्य के अनुसार फैसला लें।
सोना और चांदी की कीमतें फिलहाल संघर्ष कर रही हैं, लेकिन बड़े बैंकों का नजरिया साफ है – लंबी दौड़ में आधार स्तर ऊंचा बन रहा है। सही रणनीति और धैर्य के साथ ये कीमती धातुएं आपके पोर्टफोलियो को मजबूती दे सकती हैं।
नोट: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च करें या वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। बाजार जोखिम भरा है।












